ब्रेकिंग: नोकिया और चीन की गीली ऑटोमोटिव के बीच 5G पेटेंट विवाद में वैश्विक समझौता! यूरोप में मुकदमे वापस लिए गए

News(SEP)@ip-shiori.com

दूरसंचार उपकरण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नोकिया (Nokia, फिनलैंड) और चीन की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी गीली ऑटोमोटिव (Geely) के बीच एक बड़ा वैश्विक समझौता हो गया है। नोकिया ने कनेक्टेड कारों (Connected Cars) के 4G/5G सेलुलर मानकों से जुड़े स्टैंडर्ड एसेंशियल पेटेंट (SEP) के उल्लंघन को लेकर यूरोप और अन्य जगहों पर गीली के खिलाफ दायर मुकदमों को वापस ले लिया है। ऑटोमोटिव उद्योग और दूरसंचार उद्योग के बीच 5G लाइसेंसिंग फीस को लेकर चल रही कानूनी जंग का एक और बड़ा विवाद इस समझौते के साथ शांत हो गया है।

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1. विवाद की पृष्ठभूमि: कारों की ‘कनेक्टेड तकनीक’ पर टकराव

आजकल की आधुनिक कारों (विशेष रूप से कनेक्टेड कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EV) में ओवर-द-एयर मैप अपडेट, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और इन-कार एंटरटेनमेंट के लिए उन्नत सेलुलर संचार तकनीकों (4G और 5G) का होना अनिवार्य है। इन संचार तकनीकों से जुड़े व्यापक SEP पोर्टफोलियो की मालिक होने के नाते, नोकिया बिना लाइसेंस वाले वाहन निर्माताओं से अपनी बौद्धिक संपदा (IP) के लिए उचित मुआवजे की मांग करती रही है। इसी सिलसिले में, साल 2025 की गर्मियों में नोकिया ने आरोप लगाया था कि गीली (Geely) समूह की कंपनियां उसकी 4G/5G पेटेंट तकनीकों का अवैध इस्तेमाल कर रही हैं। इसके बाद नोकिया ने निम्नलिखित अदालतों में पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे दायर कर दिए:

  • यूनिफाइड पेटेंट कोर्ट (UPC) (मैनहेम लोकल डिवीजन और म्यूनिख लोकल डिवीजन)
  • म्यूनिख रीजनल कोर्ट I (जर्मनी)

इसके जवाब में, गीली (Geely) ने चीन के ‘हांग्जो इंटरमीडिएट पीपल्स कोर्ट’ में नोकिया के खिलाफ काउंटर-सूट दायर कर दिया, जिसमें वैश्विक स्तर पर FRAND (निष्पक्ष, उचित और गैर-भेदभावपूर्ण) लाइसेंसिंग दर तय करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही यह विवाद एक जटिल बहु-क्षेत्रीय कानूनी लड़ाई में बदल गया।

2. अचानक हुआ समझौता, नोकिया ने वापस लिए मुकदमे

म्यूनिख रीजनल कोर्ट I में 21 मई 2026 की सुबह पहली मौखिक सुनवाई (Oral Hearing) होनी तय थी। यह एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया थी, जिसमें उसी दिन फैसला आने की भी संभावना थी। हालांकि, अदालत ने पुष्टि की कि सुनवाई ठीक शुरू होने से पहले नोकिया ने अपना मुकदमा वापस ले लिया। इस कदम से यह साफ हो गया कि दोनों पक्षों के बीच एक व्यापक वैश्विक समझौता फाइनल हो चुका है।

हालांकि इस समझौते की सटीक शर्तें अभी गुप्त रखी गई हैं, लेकिन बौद्धिक संपदा क्षेत्र के विशेषज्ञ मीडिया (जैसे JUVE Patent और ip fray) के विश्लेषणों के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि गीली ने ऑटोमोटिव सेलुलर पेटेंट के सबसे बड़े पेटेंट पूल ‘Avanci’ के 5G लाइसेंसिंग प्रोग्राम को साइन कर लिया है। हाल ही में चीन की सात बड़ी कार निर्माता कंपनियां भी एक के बाद एक Avanci के 5G प्रोग्राम में शामिल हुई हैं, और गीली का यह फैसला भी इसी मार्केट ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है।

3. निर्णायक मोड़: ‘AASI’ (एंटी-एंटी-सूट इंजंक्शन) की ताकत

इस अचानक हुए समझौते में सबसे निर्णायक भूमिका यूरोपीय अदालतों (UPC और जर्मन राष्ट्रीय अदालतों) द्वारा जारी किए गए ‘AASI’ (Anti-Anti-Suit Injunction: एंटी-एंटी-सूट इंजंक्शन) ने निभाई। मामले की सुनवाई के दौरान, गीली ने चीनी अदालत से एक ‘अंतरिम लाइसेंस’ (Interim Licence) देने की मांग की थी, जिसका मकसद यूरोप में नोकिया की कानूनी कार्रवाई को रोकना था। अगर इसे मंजूरी मिल जाती, तो नोकिया के लिए यूरोप में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखना भारी पड़ सकता था, क्योंकि उस पर चीनी सरकार द्वारा भारी जुर्माना लगाए जाने का जोखिम था।

लेकिन, 2026 के वसंत में, UPC मैनहेम डिवीजन और म्यूनिख कोर्ट ने नोकिया की अपील को स्वीकार करते हुए गीली को एक कड़ा झटका दिया। अदालतों ने गीली को एक शक्तिशाली AASI आदेश जारी करते हुए कहा कि “अगर उसने चीन में दी गई अपनी अंतरिम लाइसेंस की अर्जी को 1 दिन के भीतर वापस नहीं लिया, तो उस पर प्रति दिन 50 मिलियन यूरो (लगभग 85 अरब जापानी येन) तक का जुर्माना लगाया जाएगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्त रुख ने चीन के जरिए गीली की रक्षात्मक रणनीति को पूरी तरह नाकाम कर दिया, जिससे कंपनी को यूरोपीय अदालत से कोई प्रतिकूल फैसला आने से पहले बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा।

4. ऑटोमोटिव उद्योग पर प्रभाव और भविष्य की राह

नोकिया और गीली के बीच हुए इस समझौते ने IoT के इस दौर में बौद्धिक संपदा (IP) प्रबंधन को लेकर कई अहम संकेत दिए हैं:

  • पेटेंट पूल (Avanci) के जरिए समाधान का चलन: वाहन निर्माताओं के लिए अलग-अलग दूरसंचार कंपनियों के साथ अकेले बातचीत करना व्यावहारिक रूप से बहुत मुश्किल है। यही वजह है कि Avanci जैसे सिंगल विंडो के जरिए लाइसेंस लेने का “Access for All” (AFA) मॉडल (यानी तैयार उत्पाद के स्तर पर एकमुश्त समझौता) अब एक वैश्विक मानक (Global Standard) बनता जा रहा है।
  • यूनिफाइड पेटेंट कोर्ट (UPC) का बढ़ता दबदबा: साल 2023 में शुरू हुए UPC ने यह साबित कर दिया है कि वह ‘AASI’ के जरिए विदेशी अदालतों के अधिकार क्षेत्र में दखल देने के प्रयासों को सख्ती से रोक सकता है। SEP धारकों के लिए अब UPC एक बेहद असरदार हथियार के रूप में उभरा है।

गीली (Geely) एक वैश्विक ऑटोमोटिव दिग्गज है जिसके पास वोल्वो (Volvo) और पोलस्टार (Polestar) जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स हैं, साथ ही मर्सिडीज-बेंज के साथ मिलकर वह स्मार्ट ईवी ब्रांड भी चलाती है। इस बड़े ऑटोमोबाइल ग्रुप के झुकने के बाद, अब उन अन्य वैश्विक वाहन निर्माताओं पर भी 5G लाइसेंसिंग समझौते करने का दबाव काफी बढ़ जाएगा, जिन्होंने अब तक इसे साइन नहीं किया है।

संदर्भ और स्रोत साइटें

इस लेख के विश्लेषण के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध निम्नलिखित आईपी विशेषज्ञ मीडिया और आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स की मदद ली गई है:

  • JUVE Patent: (यूरोपीय पेटेंट और आईपी विशेषज्ञ मीडिया) इसने UPC और जर्मन अदालतों में नोकिया और गीली के मुकदमों को वापस लिए जाने, अचानक हुए वैश्विक समझौते और दोनों पक्षों के बीच AASI से जुड़े अदालती फैसलों की विस्तृत कवरेज दी है।
  • ip fray: (वैश्विक आईपी और टेक्नोलॉजी ट्रेंड मीडिया) इसने चीनी अदालतों में अंतरिम लाइसेंस (Interim Licence) की अर्जी, और उसके खिलाफ यूरोपीय अदालतों (UPC मैनहेम, म्यूनिख कोर्ट) द्वारा दिए गए 50 मिलियन यूरो के जुर्माने वाले AASI आदेश की ताकत और Avanci 5G लाइसेंस प्रोग्राम से इसके संबंध का विशेषज्ञ विश्लेषण किया है।
  • Avanci आधिकारिक वेबसाइट (avanci.com): कारों के लिए सेलुलर पेटेंट (3G/4G/5G) का वन-स्टॉप लाइसेंसिंग प्रोग्राम देने वाला पेटेंट पूल प्लेटफॉर्म। इसके आधिकारिक डेटा से चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लगातार 5G प्रोग्राम में शामिल होने के ट्रेंड का पता चलता है।

यह पाठ एक बड़े भाषा मॉडल (LLM) द्वारा अनुवादित किया गया था।

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